बहुत दिनो से सोच रहा था.. ब्लोग बनाने को....फिर ब्लोग भी बनाया......फिर सोचा ब्लोग मे कुछ लिखु......लेकीन सोच नही पा रहा हु कि क्या लिखूँ......चलो अब लिख्नना भी शुरु कर दिया....सबसे पहले मै उस शहर का परिचय देना चाहुंगा..
जहाँ का मैं पैदावार हु.....उस कॉलोनी का परिचय दुंगा.....जहा हमने अपना बच्पन बिताया....मै उत्तर प्रदेश के पुवांचल मे गोरख्पुर मे जन्म लिया..... ये शहर बाबा गोरख्ननाथ के नाम से विख्यात है..... इस शहर को प्रेमचंद की कर्मभूमि और फिराक गोरखपुरी की जन्म स्थली का गौरव भी प्राप्त है.... अमर श्हीद राम प्रसाद बिस्मिल और बंधु सिंह यही शहीद हुये थे.....मै अप्ने आप को किस्मत वाला मानता हु....जो इस शहर मे जन्म लिया.......
मेरे पिता जी मदन मोहन मालवीय इंजिनीरिंग कॉलेज, गोरखपुर मे प्रवक्ता थे. हमे याद है....अपना मालवीय शिछा निकतन , जहा से हम ने 5 तक पढाई की थी. अपनी माँ का मै दुलारा बेटा था...मेरा मन शुरु से ही पढ़ाई मे नही लगता था..... स्कूल बीच मे बंक मार देता था.....माँ से तरह तरह की फरमाईश करता था.....स्कूल जाने के लिये......
आगे जारी रहेगा................

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